
मोतियाबिंद की सर्जरी मैं कई प्रकार के लेंस का इस्तमाल होता है । मल्टीफोकल लेंस इनमें से एक प्रकार का लेन्स है । आप यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि मल्टीफोकल इंट्राओकुलर लेंस क्या है । मोतियाबिंद सर्जरी से संबंधित आपके मन में कई सवाल होंगे। यह ब्लॉग मल्टीफोकल इंट्राओकुलर लेंस क्या है, इस लेंस का उपयोग करके मोतियाबिंद सर्जरी, और इसके फायदे और नुकसान के बारे में बात करता है। मल्टीफोकल इंट्रोक्युलर लेंस के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आगे पढ़ें।
आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी में प्रीमियम मल्टीफोकल इंट्राओकुलर लेंस (आईओएल) की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है। साथ ही, आँख की सर्जरी में मोतियाबिंद या लेंस एक्सचेंज सर्जरी के माध्यम से मोतियाबिंद, दृष्टिवैषम्य (अस्टिग्माटिस्म ) और अन्य रिफ्रैक्टिव समस्याओं को सफलतापूर्वक ठीक करने में सफल रहा हैं। ओप्थेल्मोलॉजिक सर्जिकल एप्रोच जैसे कि फेमटोसेकंड लेजर असिस्टेड कैटरेक्ट सर्जरी (FLACS) [3], बायोमेट्री में सुधार और आईओएल पावर कैलकुलेशन [4], इंट्राओकुलर लेंस तकनीकों के विकास [5] ने एक अहम भूमिका निभाई है। ये प्रीमियम आईओएल सर्जरी, विशेष रूप से मोतियाबिंद-सुधार की प्रक्रियाएं रोगियों को बिना चश्मे के ज़्यादा अच्छा दिखना में मदद करती हैं। लेकिन प्रीबायोपिया-सुधार की प्रक्रिया में कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है जिनमें सही रोगी को चुनना, प्रीऑपरेटिव कंसल्टेशन, सर्जरी की प्लानिंग और तकनीकें शामिल हैं जिन पर पेरीओपरेटिव स्टेज के दौरान ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रीमियम आईओएल
पारंपरिक आईओएल की तुलना में, मोतियाबिंद के लिए सबसे अच्छा लेंस है प्रीमियम आईओएल और ये लेंस अधिक और बेहतर विज़ुअल फ़ंक्शन प्रदान कर सकते हैं। लेकिन आईओएल की तकनीक के निरंतर विकास के कारण प्रीमियम आईओएल के बारे में कोई स्टैंडर्ड क्राइटेरिया नहीं हैं। पिछले दशकों में प्रीमियम आईओएल में एस्फेरिकल आईओएल, ब्लू लाइट फिल्टर आईओएल, टॉरिक आईओएल को शामिल किया गया था। मोतियाबिंद को ठीक करने वाले आईओएल को तीन समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है: ऑप्टिकल डिज़ाइन और खूबियों के आधार पर, एकोमोडेटिव आईओएल, रिफ्रैक्टिव या डिफ्रैक्टिव मल्टीफोकल आईओएल और एक्सटेंडेड डेप्थ ऑफ़ फोकस (ईडीओएफ) आईओएल।
मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए आईओएल
मोतियाबिंद केवल सर्जरी से ही ठीक हो सकता है। आपकी आँख की स्थिति और आपकी जीवनशैली के आधार पर कौन सा आईओएल लेंस इस्तेमाल होगा इसकी जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेना पड़ेगा। हालांकि, कौन सा लेंस आपकी आवश्यकताओं के लिए सही है यह तय करने के लिए विभिन्न प्रकार के आईओएल को समझना जरूरी है। चूंकि मोतियाबिंद सर्जरी एक ही बार करनी होती है और आपका आईओएल चुनने का निर्णय उस कृत्रिम (सिंथेटिक) लेंस के चयन को भी प्रभावित करेगा जो आपको भविष्य में अपनी दूसरी आँख में लगवाना पड़ सकता है।


ऑप्टिकल डिजाइन सिद्धांत के अनुसार दो प्रकार के मल्टीफोकल आईओएल हैं: रिफ्रैक्टिव और डिफ्रैक्टिव आईओएल
इसके अलावा, इन्हें और भी प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता हैं, जैसे:-
कॉन्सेंट्रीक मल्टीफोकल लेंस
आम तौर पर सामान्य प्रकाश व्यवस्था में आपकी आँख की पुतली में कम से कम दो कॉन्सेंट्रीक पावर के रिंग्स होते हैं, लेकिन आपकी पुतली के अलग-अलग प्रकाश स्थितियों के कारण फैलने और सिकुड़ने के कारण ये अलग-अलग होते हैं। कॉन्सेंट्रीक मल्टीफोकल लेंस के सेंटर में लेंस की पावर होती है। कुछ कॉन्सेंट्रीक बायफोकल लेंस में आपकी प्रमुख आंख के लिए सेंटर-डिस्टेंस डिज़ाइन (डी) और आपकी गैर-प्रमुख आंख के लिए सेंटर-नियर डिज़ाइन (एन) होता है। ये लेंस सॉफ्ट या जीपी मटेरियल से बने होते हैं।
एस्फेरिक मल्टीफोकल लेंस
एस्फेरिक मल्टीफोकल लेंस प्राकृतिक दृष्टि प्रदान करने के लिए लेंस की सतह और केंद्र पर कई लेंसों की शक्ति को जोड़ते है। प्रीमियम एस्फेरिक लेंस आंख के प्राकृतिक लेंस के आकार और ऑप्टिकल क्वालिटी से बहुत मेल खाते हैं और इसलिए, विशेष रूप से कम रोशनी में और बड़ी पुतलियों वाले लोगों के लिए बेहतर दृष्टि प्रदान कर सकते हैं।
सेगमेंटेड बाइफोकल लेंस
ये लेंस मज़बूत जीपी मटेरियल से बने होते हैं और सेगमेंटेड बाइफोकल लेंस पहनते समय आपकी आंखें लेंस के पीछे स्वतंत्र रूप से घूम सकती हैं। ये अन्य कॉन्टैक्ट लेंस की तुलना में व्यास में छोटे होते हैं। जब आप अपनी निगाह नीचे की ओर घुमाते हैं, तो लेंस अपनी जगह पर बना रहता है। सेगमेंटेड बिफोकल लेंस में लेंस का केवल एक सेगमेंट होता है और ये सेगमेंट कई आकृतियों में आ सकते हैं, जैसे कि एक आयत, एक चक्र या डी-आकार, डी-सेगमेंट वाले बायफोकल लेंस सबसे लोकप्रिय है क्योंकि यह आंख के लिए आसानी से अनुकूल दृष्टि प्रदान कर पाते हैं।
मोतियाबिंद के कारण आँख का सामान्य लेंस प्रकाश को अपवर्तित करने में मदद नहीं कर पाता है जिससे आप हमेशा ठीक से नहीं देख पाते हैं। मोतियाबिंद के कारण अपारदर्शी हो चुके आँख के सामान्य लेंस को बदलने के लिए आईओएल का इस्तेमाल किया जाता है।
आईओएल में मूल रूप से 2 भाग होते हैं - एक केंद्रीय भाग जिसे ऑप्टिक कहा जाता है जिससे लेंस की अपवर्तन में मदद मिलती है और दूसरा हैप्टिक्स होता है। यह दोनों सिरों पर फैला हुआ एक उपांग है जो आईओएल को आंख के अंदर बनाए रखने में मदद करता है।
मल्टीफोकल लेंस इम्प्लांटेशन
इंट्राओकुलर लेंस (या आईओएल) आंख के लिए एक छोटा, कृत्रिम लेंस है। मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान आंख के प्राकृतिक लेंस को हटाकर इससे बदल दिया जाता है।
लेंस आंख में प्रवेश करने वाली प्रकाश किरणों को मोड़ता (अपवर्तित) करता है, जिससे आपको देखने में मदद मिलती है। आपका लेंस साफ होना चाहिए। लेकिन अगर आपको मोतियाबिंद है, तो आपका लेंस धुंधला हो जाता है। मोतियाबिंद के साथ चीज़ें धुंधली, अस्पष्ट या कम रंगीन दिखती हैं। मोतियाबिंद की सर्जरी में इस धुंधले लेंस को हटा दिया जाता है और इसे एक साफ़ आईओएल के साथ बदल दिया जाता है जिससे आपकी दृष्टि में सुधार होता है।
ज़्यादातर आईओएल सिलिकॉन या एक्रेलिक से बने होते हैं और प्रिस्क्रिप्शन वाले चश्मों या कॉन्टैक्ट लेंस की तरह ही ये अलग-अलग फ़ोकसिंग पावर में आते हैं। आपकी आंखों को सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने में मदद करने के लिए इन पर खास मटेरियल की कोटिंग होती है।
आईओएल दो प्रकार के होते हैं, एक मोनोफोकल और दूसरा मल्टीफोकल। मोनोफोकल लेंस एक निश्चित दूरी का फोकस और मल्टीफोकल आईओएल दूर और पास का फोकस दोनों ही प्रदान करते हैं। लेंस में अलग-अलग ज़ोन अलग-अलग पावर पर सेट होते हैं। इन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि आपका दिमाग अपने आप ही सही फोकस को चुन सके।
मल्टीफोकल लेंस किन लोगों के लिए उपयुक्त है
यह लेंस उन लोगों के लिए उपयुक्त हैं जिनकी एक सक्रिय जीवन शैली होती है। सर्जरी से पहले आपकी आँख की जाँच करने के बाद आपका सर्जन सबसे अच्छे से यह निर्णय ले सकता है कि आपके लिए कौनसा मल्टीफोकल लेंस सही रहेगा।
लाभ:
मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद चश्मा न पहनना पड़े इसके लिए मल्टीफोकल लेंस सबसे अच्छा विकल्प है। ये लेंस आपको एक सक्रिय जीवन शैली जीने में मदद करते हैं जैसे कि पढ़ना, कंप्यूटर पर काम करना, ड्राइविंग करना आदि। प्रीमियम मल्टी फोकल लेंस लगाने के बाद आपको दूर और नजदीक दोनों के लिए ही चश्मे की आवश्यकता नहीं होती है और आप दूर की वस्तुओं को आसानी से देख पाते हैं।
ये लेंस थोड़े महंगे होते हैं और मोनोफोकल लेंस की तुलना में ज़्यादा दाम पर मिलते हैं। हालांकि आप इसके लिए खर्च करने के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन मल्टीफोकल लेंस लगाने की सलाह देने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति आपका डॉक्टर होगा।
आपकी नज़र में सुधार आपकी आँख की पहले की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसके अलावा, रोगी के देखने के अनुभव अलग-अलग होने के कारण लेंस को सबके हिसाब से एडजस्ट करना मुश्किल होता है।
हालांकि, मल्टीफोकल कॉन्टैक्ट लेंस से कुछ लोगों को नज़दीक की वस्तुओं को देखने में परेशानी होती हैं, इस वजह से कम रोशनी में इनसे पढ़ने में दिक्कत आ सकती है।
अब आपके पास मल्टीफोकल इंट्रोक्युलर लेंस के फायदे और नुकसान के साथ-साथ इसके बारे में विस्तृत जानकारी है। यदि आप अपने कैटरेक्ट या मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए मल्टीफोकल इंट्राओकुलर लेंस में अपग्रेड करने का निर्णय लेते हैं, तो आपको हमारे अनुभवी नेत्र डॉक्टरों और विशेषज्ञों से परामर्श लेने के बारे में सोचना चाहिए। फिर भी, यदि आपको कोई संदेह है, तो आप हेक्साहेल्थ में हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क कर सकते हैं। हम आपकी सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए यहां हैं, बेझिझक हमसे संपर्क करें। मोतियाबिंद के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.hexahealth.com पर भी जा सकते हैं।
Last Updated on: 28 July 2022

MBBS, DNB General Surgery, FMAS, FIAGES, FALS Bariatric, MNAMS General Surgery
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Dr Aman Priya Khanna is a highly experienced and National Board–Certified Laparoscopic, GI, and Bariatric Surgeon with over 13 years of clinical expertise.
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BSc. Biotechnology I MDU and MSc in Medical Biochemistry (HIMSR, Jamia Hamdard)
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