सुबह उठने पर कमर दर्द क्यों होता है? - जानें कारण, इलाज, घरेलु उपाय

अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार विश्व के २३% युवाओं में कमर दर्द की समस्या रहती है। सुबह उठने पर कमर दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे आर्थराइटिस, गलत जीवनशैली, किडनी की बीमारी, और अन्य कई कारणों से हो सकता है।   

ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों का सहारा लेकर सुबह उठने पर कमर दर्द से राहत पाया जा सकता है। कुछ व्यायाम, खान - पान में सुधार, घरेलू नुस्खे जैसे हल्दी, एलोवेरा इत्यादि का सेवन करने से कमर दर्द की तीव्रता कम की जा सकती है। चलिए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सुबह उठने पर पेट और कमर में दर्द क्यों होता है और इस समस्या को घरेलू उपाय की मदद से कैसे ठीक किया जा सकता है।

सुबह उठने पर कमर में दर्द होने की वजहें

सुबह के समय कमर में दर्द होने के पीछे बहुत सी वजहें होती हैं जिनमें से कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 

  1. अधिक व्यायाम: अधिक व्यायाम करने से मांसपेशियों और लिगामेंट में खिंचाव हो सकता है या फ्रैक्चर हो सकता है जिससे कमर में दर्द महसूस होता है।
  2. सोने की गलत मुद्रा: जब कोई व्यक्ति गलत तरीके से सोता है जैसे कि पेट के बल तो उसका सीधा असर पीठ के ऊपर पड़ता है जिसकी वजह से कमर में दर्द की समस्या बनने लगती है I
  3. गद्दों के कारण: अधिक मुलायम या अधिक ठोस गद्दे पर सोने से भी सुबह उठते समय कमर दर्द हो सकता है। ठोस गद्दे पर सोने से जोड़ों में दाब बढ़ जाता है जिससे सुबह उठने पर कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। मुलायम गद्दे पर सोने से शरीर का संरेखण (एलाइनमेंट) बिगड़ता है जिससे सुबह उठने पर कमर दर्द हो सकता है।
  4. गर्भावस्था: सुबह के समय पेट और कमर में दर्द होना गर्भावस्था में आम है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में हार्मोन बदलता है और वजन बढ़ता है जिससे कमर में दर्द हो सकता है।
  5. पोषक तत्व की कमी: जब शरीर को उचित आहार और जरूरी पौष्टिक तत्व नहीं मिलते हैं जैसे विटामिन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन डी आदि तो ऐसे में व्यक्ति को सुबह सोकर उठते समय कमर में दर्द की समस्या हो सकती है।
  6. चोट: किसी पुरानी चोट या हाल - फिलहाल में आई चोट के कारण भी कमर में दर्द हो सकता है।
  7. फाइब्रोमायल्जिया: यह एक प्रकार की क्रॉनिक बीमारी हैं जिसमे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है। हालांकि इस बीमारी में जोड़ों और मांसपेशियों में सूजन या डैमेज नही होता है। 
  8. स्पाइनल आर्थराइटिस: इस प्रकार के आर्थराइटिस में कमर पर मौजूद हड्डियों के डिस्क पतले होने लगते हैं। इसलिए उसे डिजनरेटिव डिस्क की बीमारी भी कहते हैं। इसके कारण सुबह उठने पर कमर दर्द होता है। 
  9. ओस्टियोआर्थराइटिस: यह गठिया का एक बहुत ही आम रूप है, जिसमें जोड़ों के बीच में सूजन बढ़ जाती है और इससे पीड़ित लोगों में सुबह उठने पर कमर दर्द की समस्या हो सकती है। 
  10. किडनी की बीमारी: किडनी की बीमारी जैसे पथरी या इन्फेक्शन होने से सुबह उठने पर कमर दर्द हो सकता है। 

सुबह होने वाले तेज कमर दर्द ठीक करने के घरेलू उपाय

ऐसे बहुत से घरेलू उपाय हैं जिनकी मदद से सुबह उठने पर कमर दर्द से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। उनमें से कुछ प्रमुख घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं:

तुलसी 

तुलसी के अंदर विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम बहुतायत मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट जैसे कि बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन, जीएक्सैंथिन और दर्द निवारक गुण मौजूद होते हैं जो पेट और कमर में दर्द को कम करने में सक्षम हो सकते हैं।

विधि:

  1. तुलसी के कुछ पत्ते लेकर उन्हें एक गिलास गर्म पानी में उबाल लें। 
  2. लगभग १० मिनट तक उबालने के बाद इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। 
  3. अब इस तुलसी मिले पानी का सेवन करें और नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने पर कमर का दर्द गायब हो सकता है। 

हल्दी

  1. हल्दी को एक औषधि के तौर पर जाना जाता है क्योंकि इसके अंदर एंटी - ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्दी में जो करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है वो कमर के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। प्रायः कमर दर्द से आराम पाने के लिए डॉक्टर घरेलू उपाय के तौर पर हल्दी लेने की सलाह देते हैं। 

विधि:

  1. हर सुबह एक गिलास गर्म दूध में लगभग एक चुटकी हल्दी मिलाकर उसे पी लें। 
  2. इसमें अगर चाहें तो चीनी भी मिलाई जा सकती है। 
  3. दूध की जगह गर्म पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। 

सेंधा नमक

  1. पेट और कमर में दर्द से आराम पाने के लिए सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। सेंधा नमक के अंदर मैग्नीशियम सल्फेट के गुण पाए जाते हैं जो कमर के दर्द को ठीक करने में सहायक हो सकते हैं। 

विधि:

  1. एक बड़े टब में हल्का गर्म पानी भर लें।
  2. अब इसमें मुट्ठी भर कर सेंधा नमक डालकर मिला लें।
  3. सेंधा नमक मिले हुए इस गर्म पानी में अब १५-२० मिनट के लिए बैठ जाएं।

लहसुन

  1. लहसुन के अंदर सेलेनियम और कैप्सैनिन नाम के घटक पाए जाते हैं जिनमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक पगुण मौजूद होते हैं। इसलिए सुबह उठने पर कमर दर्द होने पर लहसुन का प्रयोग किया जा सकता है। 

विधि:

  1. लगभग ७-८ उनकी कलियां लेकर उनको पीस लें और फिर उसे उस जगह पर लगाएं जहां पर कमर में दर्द है। 
  2. लहसुन का पेस्ट लगाने के बाद कमर को कम से कम आधे घंटे के लिए छोड़ दें। 
  3. समय पूरा होने के बाद इसे साफ कर लें। ‌

एलोवेरा 

  1. एलोवेरा को एक असरदार और गुणकारी औषधि और जड़ीबूटी के तौर पर जाना जाता है। इसके अंदर एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कमर दर्द का निवारण कर सकते हैं। इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों की वजह से ही ऑर्थोपेडिक डॉक्टर एलोवेरा जूस को घरेलू उपाय के तौर पर प्रयोग करने की सलाह देते हैं। 

विधि:

  1. लगभग आधा कप एलोवेरा का रस हर दिन सुबह खाली पेट सेवन कर सकते हैं।
  2. इसके साथ-साथ ताजा एलोवेरा जेल से कमर पर मालिश कर सकते हैं।  

अजवाइन 

  1. अजवाइन का इस्तेमाल करके पेट और कमर में दर्द को दूर किया जा सकता है। अजवाइन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल जैसे प्रभावशाली तत्व होते हैं जो कमर के दर्द को दूर करने में असरदार हो सकते हैं। 

विधि:

  1. एक कप पानी लेकर उसमें छोटा चम्मच अजवाइन डालकर उबलने के लिए रख दें।
  2. इसे ५ मिनट उबालने के बाद गैस बंद कर दें।
  3. अब इसे चाय की तरह सिप लेते हुए पी लें। 

नारियल तेल

  1. सुबह उठने पर कमर दर्द का उपचार नारियल तेल से किया जा सकता है। इसके अंदर एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीमाइक्रोबॉयल और एंटी ऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं। इसलिए नारियल के तेल को अगर नियमित रूप से प्रयोग किया जाए तो कमर का दर्द दूर हो सकता है।

विधि:

  1. लगभग आधा कप नारियल तेल लेकर उसे किसी बर्तन में गर्म होने के लिए रख दें।
  2. अब इसमें लहसुन की ५-६ कलियां छीलकर डाल दें। 
  3. अब इस तेल को उस समय तक पकाएं जब तक कि लहसुन की कलियां काले रंग की ना हो जाएं।
  4. इस तेल से अब हर रोज कमर पे अच्छी तरह से मालिश करें।

ठंडी और गर्म सिकाई 

  1. सुबह उठने पर पेट और कमर में दर्द से आराम पाने के लिए सिकाई की जा सकती है। गर्म सिकाई करने से कमर की मांसपेशियों और हड्डियों में रक्त संचार बढ़ता है जिससे कमर का दर्द कम होता है। गर्म और ठंडी सिकाई करने की विधि निम्नलिखित है: 
    1. गर्म सिकाई: हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल की मदद से सिकाई की जा सकती है। 
    2. ठंडी सिकाई: बर्फ के टुकड़ों को किसी कॉटन के कपड़े में लपेटकर सिकाई करने से कमर में हो रही जलन कम होती है।   

सुबह उठने पर पेट और कमर दर्द में घरेलू उपाय के फायदे

सुबह उठने पर कमर और पेट दर्द होने पर घरेलू उपाय आजमाने से कई फायदे होते हैं। दवाइयों और सर्जिकल उपचार की तुलना में घरेलू उपाय पूरी तरह से प्राकृतिक और बिना चीड़ - फाड़ वाले होते हैं इसलिए घरेलू उपाय सामान्यतः शरीर के लिए लाभदायक सिद्ध होते हैं। सुबह उठने पर कमर दर्द में घरेलू उपाय आजमाने के कुछ मुख्य फायदे इस प्रकार हैं: 

  1. घरेलू उपायों से दुष्परिणाम कम देखने को मिलते हैं। 
  2. व्यायाम और खान - पान में सुधार लाने से कमर दर्द की समस्या में लंबे समय तक आराम रहता है। 
  3. घरेलू उपाय से न सिर्फ कमर दर्द में आराम मिलता है बल्कि पूरा शरीर स्वस्थ बना रहता है। 
  4. अन्य उपचार की तुलना में आमतौर पर घरेलू उपाय में खर्च लगभग न के बराबर होते हैं।
  5. प्रायः घरेलू उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीजें जैसे हल्दी, अदरक, इत्यादि रसोईघर में ही उपलब्ध होती हैं। 

शारीरिक गतिविधियां

सुबह के समय होने वाले कमर दर्द से राहत पाने के लिए शारीरिक गतिविधियां लाभदायक हो सकती हैं। योग और व्यायाम करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है जो कि पीठ दर्द को सही कर सकते हैं। कुछ कारगर व्यायाम और योग निम्नलिखित हैं : 

  1. स्ट्रेचिंग 
  2. कैट पोज़ 
  3. नी-रोल  
  4. मिनि-कोबरा
  5. नी बैंड्स
  6. स्पाइन स्ट्रेच 
  7. लाइंग स्पाइनल ट्विस्ट 
  8. सीटिड फॉरवर्ड फोल्ड
  9. चाइल्ड पोज़
  10. ट्रायंगल पोज़

जीवनशैली सुधार

सुबह उठने पर कमर दर्द के मुख्य कारणों में गलत जीवनशैली भी एक कारण हो सकता है इसलिए सुबह उठने पर पेट और कमर दर्द की शिकायत होने पर जीवनशैली में बदलाव लाना भी जरूरी है।

कुछ मुख्य जीवनशैली सुधार इस प्रकार हैं: 

  1. दैनिक रूप से हल्के व्यायाम और योगासन करना चाहिए। 
  2. लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने के बजाय चलते - फिरते रहें। 
  3. पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, विटामिन सी, आयरन और विटामिन डी से भरपूर भोजन लेना चाहिए। 
  4. सोते समय अपनी मुद्रा को सही रखें। 
  5. धूम्रपान और शराब का सेवन करने से बचें।

सारांश

आज के इस लेख में हमने यह समझा कि सुबह उठने पर कमर दर्द गलत मुद्रा में रहने, मांसपेशियों में खिंचाव, रीढ़ की हड्डी में चोट लगने, किडनी की बीमारी और गठिया की वजह से हो सकता है। सुबह उठने पर कमर दर्द से आराम पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों जैसे कि तुलसी, अदरक, एलोवेरा, व्यायाम की मदद ली जा सकती है। पेट और कमर में दर्द होने पर ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए। 

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अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

कमर दर्द के क्या कारण हो सकते है?

कमर दर्द मुख्य रूप से बढ़ती उम्र, गलत मुद्रा में सोने से, मांसपेशियों में खिंचाव, डिस्क टूटने से, किडनी में इन्फेक्शन होने और चोट लगने से हो सकता है। वहीं महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान कमर में दर्द की समस्या बनी रहती है। 

कमर को मजबूत करने के लिए क्या खाना चाहिए?

कमर को मजबूत करने के लिए दही, दूध, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली, मशरूम, बादाम जैसी चीजें खाना चाहिए। कमर को मजबूती देने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी युक्त आहार खाना लाभदायक होता है।

महिलाओं के कमर में दर्द क्यों होता है?

महिलाओं में कमर दर्द मुख्य रूप से दर्द गलत मुद्रा में उठने, बैठने और चलने, तनाव, वजन के बढ़ने, गर्भावस्था, मांसपेशियों में ऐंठन, गृध्रसी (साइटिका) की वजह से होता है। 

कमर की जकड़न कैसे दूर करें?

यदि आपकी कमर में जकड़न हो जाती है तो ऐसे में मालिश करने से इससे छुटकारा हासिल किया जा सकता है। मालिश करने के लिए नीलगिरी का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल या फिर जैतून का तेल प्रयोग करना उचित रहता है। इसके अलावा ठंडी और गर्म सिकाई भी कमर की जकड़न को दूर करने में कारगर हो सकती है। ‌

कमर की कमजोरी कैसे दूर करें?

कमर में कमजोरी होने पर आपको किसी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  डॉक्टर कमर का निदान करते हैं और कमर में हुई कमजोरी की वजह पता करते हैं। ‌इसी अनुसार वो कुछ दवाइयां और घरेलू उपाय की सलाह दे सकते हैं। कमर की कमजोरी दूर करने के लिए खाने में कैल्शियम युक्त आहार जरूर लेना चाहिए। 

कमर के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है?

कमर के निचले हिस्से में होने वाला दर्द अधिकतर एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहने, ऐसा काम करने से जिसकी वजह से रीड की हड्डी में खिंचाव हो, जरूरत से अधिक भारी वजन उठाने, मांसपेशियों और लिगामेंट में खिंचाव होने की वजह से होता है। 

क्या दूध कमर दर्द के लिए अच्छा है?

दूध के अंदर कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए दूध कमर दर्द के लिए अच्छा है। हर रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध हल्दी के साथ लेना पीठ दर्द के लिए लाभदायक हो सकता है। जो लोग लेक्टोज इंटोलरेंट होते हैं यानी जिनको दूध, दही, मक्खन देर से पचते हैं उन लोगों को दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। हालांकि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जिन्हें दूध से परेशानी होती है। 

क्या दही कमर दर्द के लिए अच्छा है?

दही में मौजूद कैल्शियम हड्डियों के लिए काफी लाभदायक होता है। इसलिए कमर दर्द के लिए दही खाना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि हड्डियों को मजबूत बनाने और उनके विकास में कैल्शियम का काफी महत्व होता है। 

कमर को मजबूत करने के लिए क्या खाना चाहिए?

कमर को मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि ऐसी चीजें खाना चाहिए जिनमें कैल्शियम, प्रोटीन, कैरोटिन, ओमेगा-३ फैटी एसिड अधिक मात्रा में हो। इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, पनीर, सालमन मछली, दालचीनी, तुलसी, दही इत्यादि खाने से कमर को मजबूत किया जा सकता है। 

कमर दर्द का घरेलू उपाय क्या है?

कमर में दर्द होने पर बहुत से घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं जैसे कि:

  1. तुलसी के पत्तों से बनी चाय
  2. दूध और हल्दी
  3. अदरक
  4. मसाज और सिकाई 
  5. एलोवेरा जूस
  6. अजवाइन 

कमर दर्द में क्या नहीं करना चाहिए?

कमर दर्द होने पर वो सब चीजें नहीं करनी चाहिएं जिससे पीठ दर्द में और इजाफा हो जाए जैसे कि भारी वजन उठाना, पेट के बल सोना, शरीर को हमेशा मोड़ कर रखना, लंबे समय तक बैठे रहना, अधिक व्यायाम करना। 

कमर दर्द से राहत पाने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?

कमर दर्द से राहत पाने के लिए कुछ दर्द निवारक दवाइयां ली जा सकती हैं। इसके अलावा कुछ घरेलू उपाय जैसे सिकाई करने से, दूध और हल्दी का सेवन करने से कमर दर्द में जल्द आराम मिलने की संभावना रहती है। 

कमर दर्द के लिए कौन सा प्रोटीन सबसे अच्छा है?

उचित मात्रा में कैल्शियम के साथ प्रोटीन लेने से हड्डियों को मजबूती मिलती है तथा पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने से संयोजी ऊतक (कनेक्टिव टिशु) बनते हैं जो हड्डी में होने वाली क्षति की मरम्मत करते हैं। इसलिए सफेद मांस जैसे कि चिकन, मछली, फलियां;  कम वसा वाले डेयरी उत्पाद जैसे कि दही, पनीर, दूध, प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं।

कमर दर्द की आयुर्वेदिक दवा क्या है?

पीठ दर्द का इलाज करने के लिए आमतौर पर गुग्गुल, निर्गुंडी, शल्लकी और अदरक जैसी जड़ी-बूटियों को आयुर्वेदिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा कमर दर्द के लिए गर्म तेल से मालिश करना भी एक अच्छा आयुर्वेदिक उपचार है। 

पुरुषों की कमर में दर्द क्यों होता है?

कमर में दर्द की समस्या पुरुषों में आमतौर पर ओस्टियोआर्थराइटिस और अपक्षीय (डिजनेरेटिव) रोग की वजह से होती है। वहीं कई बार पुरुषों में पीठ दर्द की समस्या चोट लगने, स्ट्रेस से या किडनी में पथरी की समस्या होने पर भी अचानक कमर में दर्द हो सकता है। 

कमर दर्द कब गंभीर होता है?

आमतौर पर कमर दर्द घरेलू उपायों से सही हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में यह स्थिति गंभीर हो सकता है। अगर निम्नलिखित लक्षण दिखते हैं तो कमर दर्द गंभीर हो सकता है:

  1. अगर कमर दर्द 4 हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे।
  2. कई दिनों बाद भी कमर में दर्द कम होने के बजाय तेज होना। 
  3. कमर दर्द के साथ-साथ बुखार होना।
  4. अचानक वजन घटना या बढ़ना।
  5. हाथों या पैरों में कमजोरी महसूस होना। 

क्या किडनी से कमर दर्द हो सकता है?

शरीर की दोनों किडनियां पीठ से लगी हुई होती हैं जो कशेरुकाओं (वर्टेब्रा) के अगल-बगल में होती हैं। ऐसे में अगर किडनी में कोई इंफेक्शन या पथरी हो जाए तो उसकी वजह से कमर में दर्द होता है। 

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सम्बंधित डॉक्टर

Dr. Jimit Choudhary

Dr. Jimit Choudhary

Anterior Segment/Cornea Ophthalmology, General Physician
31 वर्ष
97% अनुशंसित
Dr. Y.K. Batra

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Anaesthesiology, Pain Medicine
40 वर्ष
98% अनुशंसित

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