Description
बुखार मे झटके आना दिमाग मे कोई कमजोरी से होता है या नहीं
Dear Sureshkumar pande ji,
नहीं, बुखार में झटके आना हमेशा दिमाग की कमजोरी के कारण नहीं होता। तेज बुखार के दौरान शरीर में होने वाले संक्रमण, शरीर के तापमान में अचानक बदलाव, कुछ प्रकार के संक्रमण, शरीर में नमक या शुगर की गड़बड़ी तथा कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण भी झटके आ सकते हैं। इसलिए केवल झटके आने से यह मान लेना सही नहीं है कि दिमाग कमजोर है।
हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को बुखार के साथ पहली बार झटके आए हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। खासकर बड़े व्यक्ति में बुखार के साथ पहली बार दौरा पड़ना किसी गंभीर संक्रमण या दूसरी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
व्यक्ति को सुरक्षित जगह पर लिटाएं।
सिर के नीचे कोई मुलायम चीज रखें।
आसपास की नुकीली या कठोर चीजें हटा दें।
गले के आसपास के तंग कपड़े ढीले कर दें।
झटके कितनी देर चले, इसका समय जरूर नोट करें।
झटके रुकने के बाद व्यक्ति को करवट से लिटाएं।
उसके पूरी तरह होश में आने तक उसके साथ रहें।
व्यक्ति को जबरदस्ती पकड़कर झटके रोकने की कोशिश न करें।
मुंह में चम्मच, उंगली, पानी या कोई दूसरी चीज न डालें।
झटके के दौरान पानी, खाना या दवा मुंह से न दें।
बिना डॉक्टर की सलाह के दौरे की दवा शुरू न करें।
बुखार का कारण पता करना सबसे जरूरी है। पर्याप्त आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार के लिए दवा डॉक्टर की सलाह या दवा के निर्देश के अनुसार लें। केवल बुखार कम करना पर्याप्त नहीं है; जिस संक्रमण या बीमारी के कारण बुखार हुआ है, उसका उचित इलाज भी जरूरी है।
घरेलू तौर पर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और हल्के कपड़े मदद कर सकते हैं, लेकिन झटके आने की समस्या का इलाज केवल घरेलू उपायों से नहीं किया जाना चाहिए।
इलाज झटके के कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार बुखार और संक्रमण की जांच, रक्त की जांच, शुगर और शरीर के नमक की जांच तथा आवश्यकता होने पर मस्तिष्क से संबंधित जांच कर सकते हैं। यदि किसी संक्रमण या दूसरी बीमारी के कारण झटके आए हैं, तो उसी कारण का इलाज किया जाता है। बार-बार झटके आने पर न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह और आगे की जांच की आवश्यकता हो सकती है।
तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें अगर :
झटके 5 मिनट से ज्यादा रहें।
एक झटके के तुरंत बाद दूसरा झटका आ जाए।
झटके के बाद व्यक्ति को होश न आए।
सांस लेने में परेशानी हो।
झटके पहली बार आए हों।
झटके के दौरान गंभीर चोट लगी हो।
व्यक्ति बहुत ज्यादा भ्रमित या असामान्य रूप से सुस्त हो।
इसलिए, बुखार के साथ झटके आने को केवल “दिमाग की कमजोरी” समझकर नजरअंदाज न करें। खासकर पहली बार ऐसा हुआ है तो डॉक्टर से जांच करवाना सबसे सुरक्षित तरीका है।
आपको और आपके परिवार को सदा स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं।
हार्दिक शुभकामनाएँ,
हेक्साहेल्थ टीम
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