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पेशेंट की उम्र 88 वर्ष है आयुष्मान कार्ड है इस समय उनको प्रॉब्लम है चलने में कमजोरी है कृपा समाधान बताएं
नमस्कार,
हाँ, 88 वर्ष की उम्र में चलने में कमजोरी होने पर इसका इलाज कराया जा सकता है। लेकिन केवल उम्र के कारण कमजोरी मान लेना सही नहीं है। इसके पीछे खून की कमी, विटामिन की कमी, संक्रमण, शुगर, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड, नसों की समस्या या हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी जैसे कारण हो सकते हैं।
एक ज़रूरी बात: अगर मरीज़ कई दवाइयाँ (चार या उससे ज़्यादा) ले रहे हैं, तो उनकी पूरी दवाइयों की सूची डॉक्टर को दिखाना बहुत ज़रूरी है। बुज़ुर्गों में कई दवाइयों का मिला-जुला असर (जैसे भ्रम, चक्कर, या संतुलन बिगड़ना) कमज़ोरी और गिरने की एक आम और ठीक की जा सकने वाली वजह है। शोध में दवाइयाँ कम करने से गिरने की घटनाओं में चालीस प्रतिशत तक कमी देखी गई है।
इसलिए पहले डॉक्टर से जाँच करवाकर कमज़ोरी का कारण पता करना ज़रूरी है।
हाँ, यदि मरीज़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए पात्र है, तो बीमारी की जाँच और आवश्यक इलाज योजना के अंतर्गत कवर हो सकता है, बशर्ते संबंधित अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध हो और आवश्यक उपचार स्वीकृत पैकेज के अंतर्गत आता हो। आयुष्मान कार्ड अपने आप में हर जाँच या हर इलाज को मुफ़्त नहीं बनाता।
अठासी वर्ष के मरीज़ के लिए एक ज़रूरी बात: सत्तर वर्ष या उससे ज़्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए, बिना किसी आय-सीमा के, आयुष्मान वय वंदना कार्ड उपलब्ध है इसमें पाँच लाख रुपये प्रति वर्ष का अलग कैशलेस कवर मिलता है। अगर अभी तक यह कार्ड नहीं बना है, तो नज़दीकी सामान्य सेवा केंद्र या आयुष्मान मित्र से बनवाया जा सकता है।
अठासी वर्ष के मरीज़ के लिए अस्पताल जाने से पहले यह ज़रूर पता करें कि उनकी कमज़ोरी के कारण के अनुसार कौन-सी जाँच और उपचार आयुष्मान पैकेज में उपलब्ध है।
इन चरणों से जाँच कर सकते हैं:
१. आधिकारिक आयुष्मान भारत अस्पताल खोज पोर्टल खोलें।
२. अपना राज्य चुनें।
३. अपना ज़िला चुनें।
४. सरकारी या निजी अस्पताल का प्रकार चुनें।
५. संबंधित विशेषज्ञता चुनें, जैसे सामान्य चिकित्सा या स्नायु रोग विशेषज्ञ।
६. यदि अस्पताल का नाम पता है, तो उसका नाम दर्ज करें।
७. कैप्चा भरें।
८. खोज विकल्प पर क्लिक करें।
९. देखें कि अस्पताल वर्तमान में आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध है या नहीं।
१०. अस्पताल के आयुष्मान मित्र से मरीज़ की बीमारी, जाँच और इलाज के पैकेज की कवरेज पहले से पक्की करें।
मरीज़ को बिना डॉक्टर की सलाह के ज़्यादा चलने या व्यायाम करने के लिए मजबूर न करें। गिरने से बचाने के लिए चलते समय किसी व्यक्ति की सहायता लें और घर में फिसलने वाली चीज़ें हटा दें। पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन दें।
अगर कमज़ोरी अचानक शुरू हुई है, शरीर के एक तरफ कमज़ोरी है, बोलने में परेशानी है, चेहरा टेढ़ा हो रहा है, बेहोशी, साँस लेने में परेशानी या सीने में दर्द है, तो तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
अगर आप मरीज़ का शहर और राज्य बता दें, तो उसी क्षेत्र में आयुष्मान अस्पताल जाँचने के लिए सही तरीका बताया जा सकता है।
आपको और आपके परिवार को सदा स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं।
हार्दिक शुभकामनाएँ,
हेक्साहेल्थ टीम
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