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अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि हिंदी में सिस्ट का क्या अर्थ होता है? (cyst meaning in hindi) तो आइए इस लेख के माध्यम से हम पता लगाते है कि सिस्ट क्या है और उसका हिन्दी में क्या अर्थ होता है? सिस्ट को हिन्दी में गाँठ या पुटटी कहा जाता है। यह गाँठ शरीर के किसी भी हिस्से मे हो सकती है।
आइए इस लेख मे आगे पढ़ते हैं कि सिस्ट या गाँठ बनने से क्या होता है, इसका अर्थ क्या है? । इसके अलावा सिस्ट होने के लक्षण, प्रकार, कारण, निदान, रोकथाम, दवा, उपचार और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ते रहें।
| रोग का नाम | सिस्ट |
| लक्षण | त्वचा पर गांठ, सूजन, दर्द या बेचैनी, मांसपेशियों में दर्द, लालपन |
| कारण | संक्रमण, आनुवंशिकी, हार्मोनल असंतुलन, आघात या चोट, अवरोध, कैंसर |
| निदान | अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, बायोप्सी, रक्त परीक्षण |
| इलाज कौन करता है | जनरल सर्जन |
| उपचार के विकल्प | घरेलू उपचार, दवा, चीरा और जल निकासी, एस्पिरेशन, एक्सिशन सर्जरी, लैप्रोस्कोपी, लैपरोटॉमी |
सिस्ट एक प्रकार की गाँठ है जो शरीर के अंदर या बाहर (त्वचा के नीचे), किसी भी जगह पर हो सकती है। यह एक प्रकार की असामान्य थैली होती है जिसके चारों तरफ एक झिल्ली या परत होती है जो उसे आसपास के ऊतकों से अलग करती है। किसी भी ऊतक की इस बंद थैली को असामन्य इसलिए कहा गया है, क्योंकि यह सिस्ट आसपास के ऊतक से अलग होती है। सिस्ट आम तौर पर निम्नलिखित घटकों से बना होता है:
अधिकांश सिस्ट बिनाइन यानि कि कैंसर नहीं होते हैं, परंतु यह भी सोचने योग्य तथ्य है कि यदि कुछ तरह के सिस्ट को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो बिनाइन सिस्ट रक्त विषाक्तता सहित कई गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकते हैं।
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सिस्ट ऐसी उभार या गांठ हैं जो अक्सर तब पता चलती है, जब कोई व्यक्ति आइयने में देखता है या बैठते, उठते वक्त या कपड़े पहनते समय इसे महसूस करता है। इनमें से कई प्रकार की सिस्ट गंभीर नहीं होती हैं, और कुछ सर्जरी के बिना भी ठीक हो जाते हैं।
सिस्ट के कुछ सामान्य प्रकारों में निम्नलिखित शामिल हैं:
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बहुत सारे छोटे सिस्ट बिना किसी लक्षण या संकेत के शरीर में विकासित होते हैं, लेकिन कभी-कभी सिस्ट को त्वचा में मौजूद एक गांठ की तरह महसूस किया जा सकता है। आंतरिक अंगों से जुड़े सिस्ट छोटे होने पर कोई लक्षण पैदा नहीं करते हैं, पर अगर सिस्ट बड़े हो जाते हैं और अन्य अंगों पर दबाव डालते हैं, तो उन अंगों से संबंधित लक्षण विकसित हो सकते हैं।
किसी भी पुटटी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते है कि वह किस स्थान पर है।
ज्यादातर पुटटी बिनाइन होती है और लक्षण भी ज्यादातर गंभीर नहीं होते हैं ।
सिस्ट का अर्थ सही रूप से जानने के लिए, उसके कारण भी जानना जरूरी है। चलिए देखते है किस वजह से सिस्ट का गठन होता है। वैसे तो अधिकांश सिस्ट बिना किसी स्पष्ट कारण के बनते हैं, परंतु फिर भी, सिस्ट बनने के कई कारण हो सकते हैं। कुछ ज्ञात कारण जिनमे निम्नलिखित शामिल हैं:
पुटटी के सिस्ट बनने के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, जिनके शरीर में उपस्थित होने की वजह से किसी भी व्यक्ति में पुटटी के विकास की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, और इन कारकों में शामिल हैं:
सिस्ट के गठन को आमतौर पर रोका नहीं जा सकता। पर हाँ, रोकथाम के लिए कुछ प्रकार की सिस्ट में कुछ कदम उठाए जा सकते है जो इस प्रकार हैं:
सिस्ट के निदान के लिए चिकित्सक मरीज का सम्पूर्ण मेडिकल इतिहास लेंगे और व्यापक रूप से परीक्षण करेंगे। कुछ सिस्ट जो शरीर पर बाहर होती हैं, आसानी से डॉक्टर द्वारा छू कर देख लिए जाते हैं, खासकर अगर सिस्ट त्वचा में या आसानी से महसूस होने वाले अंगों में स्थित होंती है। ओवेरियन सिस्ट के कारण श्रोणि के अंदर गांठ या परिवर्तन जानने के लिए पैल्विक परीक्षा की जाती है।
इसके सिवा चिकित्सक कई तरह के इमेजिंग अध्ययन की सलाह देते है जो सिस्ट के बारे मे काफी जानकारी देते हैं जैसे:
इसके अलावा सभी असामान्य गांठों की जांच की जानी चाहिए क्योंकि दुर्लभ ही सही, पर कुछ सिस्ट कैंसरस होते हैं और शुरुआती उपचार महत्वपूर्ण होता है।
डॉक्टर से परामर्श करने से पहले ही तेयारी कर ले और इन बातों का ध्यान रखें:
यानि कि अच्छी तरह से सिस्ट के होने का कारण, निदान, उपचार, रोकथाम, और उपचार से जुड़ी जटिलताओ पर डॉक्टर से बातचीत करें।
सिस्ट (cyst meaning in Hindi) का उपचार उसके प्रकार पर निर्भर करता है। कई सिस्ट सौम्य (बिनाइन) होते हैं और उन्हे किसी भी उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।
अक्सर उपचार की जरूरत कुछ प्रकार की सिस्ट में तब पड़ती है जब:
सिस्ट के उपचार के दो विकल्प हो सकते हैं:
आमतौर पर सिस्ट का उपचार नॉन-सर्जिकल विकल्पों से शुरू होता है जिसमे शामिल हैं:
जब नॉन-सर्जिकल विकल्प का असर न हो और सिस्ट की तकलीफ बनी हुई है तो सर्जिकल विकल्प का सहारा लिया जाता है:
सिस्ट (cyst meaning in Hindi) के कुछ लक्षण से घरेलू उपचार के माध्यम से राहत पा सकते हैं-
सुचना: उपचार का तरीका और प्रक्रियाओं का चयन रोगी की स्वास्थ्य स्थिति और इलाज करने वाले डॉक्टर की राय पर निर्भर करता है।
| सर्जरी का नाम | सर्जरी की लागत |
| ऐस्परैशन | ₹८,००० से ₹१५,००० |
| सर्जिकल ड्रेनिंग | ₹४,००० से ₹१६,००० |
| सर्जिकल एक्सिज़्न | ₹१॰,००० से ₹५॰,००० |
| लैप्रोस्कोपिक सर्जरी | ₹६॰,००० से ₹१,००,००० |
ज्यादातर पुटटी अपनेआप ठीक हो जाती है, परंतु कोई भी चीज जो सामान्य नहीं है, उसका एक बार डॉक्टर से खुद की तसल्ली के लिए परीक्षण जरूर कराना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी सामान्य दिखने वाली पुटटी जातिलताये पैदा कर सकती है।
पुटटी की वजह से कभी- कभी कुछ ऐसे लक्षण पैदा हो जाते है, जो किसी गंभीर हालत की तरफ इशारा कर सकते है और उन्हे अनदेखा नहीं करना चाहिए, जैसे कि:
तरल पदार्थ एक बार निकालने के बाद वापस आ सकता है।
जिन लोगों को मुहासे सिस्ट की तकलीफ है, उन्मे त्वचा के साफ हो जाने के बाद पिगमेंट में बदलाव के कारण हल्के या गहरे धब्बे मुहांसे वाली जगह पर विकसित हो जाते हैं।
यदि सिस्ट को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो सौम्य (बिनाइन) सिस्ट गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकते हैं जिनमें शामिल हैं:
आहार का खास महत्व नहीं है, बस सम्पूर्ण विटामिन और खनीज से भरपूर आहार का सेवन करें और स्वस्थ रहें।
वैसे तो अधिकतर सिस्ट बिना उपचार के ठीक हो जाती है, पर ऊपर बताये गए संकेत जैसे दर्द बढ़ना, या सिस्ट के आकार का बढ़ना संकेत है कि बिना देर किए डॉक्टर से मिलें।
सिस्ट की रोकथाम के लिए आहार का इतना महत्व नहीं है, हालांकि कुछ प्रकार का आहार वजन को कम करने में मदद करके हॉर्मोन असंतुलन को नियंत्रित करते हैं, जो कि डिंबग्रंथि पुटटी मे मददगार साबित होता है। हमेशा संतुलित आहार जिसमे फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन होते हैं, उनका सेवन करना चाहिए। इसके अलावा भरपूर मात्रा में पानी भी पीना चाहिए। इस तरह का आहार बेकर सिस्ट में वजन का ध्यान रखने में भी लाभकारी है।
इसके अलावा शर्करा और डेयरी में उच्च आहार जिसका उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, मुहासे पुटटी के फ्लेयर्स में योगदान दे सकता है, इसलिए आहार में इनका सेवन कम मात्रा में करे।
सिस्ट तरल पदार्थ के असामान्य थैली होते हैं जो शरीर में कहीं भी बन सकते हैं। ज्यादातर पुटटी के कोई लक्षण नहीं होते है, परंतु इससे जुड़ी जटिलताओ से बचने के लिए इसका डॉक्टर द्वारा परीक्षण कराए, क्योंकि कभी-कभी यदि कुछ सिस्ट को अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाये तो सौम्य सिस्ट रक्त विषाक्तता सहित कई गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकते हैं। सर्जरी करके पुटटी को हटाना इसका सबसे आम उपचार है।
अगर सिस्ट का होना चिंता का विषय बन गया है, तो देर ना करें, आज ही HexaHealth की पर्सनल केयर टीम से संपर्क करें और उचित मार्गदर्शन लें। HexaHealth के विशेषज्ञ पुटटी के बारे में विस्तार से चर्चा करके इसे प्रबंधित करने की सलाह देंगे और आपके सभी प्रश्नों को हल करेंगे। सिस्ट के उपचार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
| Ovarian Cyst Surgery | Liver Cysts |
| What is Cystolithotripsy? | Open Cystolithotomy |
| Cystectomy | Ovarian Cyst |
सिस्ट से संबंधित कुछ मिथक हैं।
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Last Updated on: 16 April 2025

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