बार-बार पेशाब आने के 5 कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और उपचार

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Medically Reviewed by Dr. Aman Priya Khanna
Written by Sangeeta Sharma, last updated on 6 November 2023| min read
बार-बार पेशाब आने के 5 कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और उपचार

Quick Summary

Urinary incontinence is the involuntary leakage of urine. It can be a sign of an underlying medical condition, such as an infection or a neurological problem.

There are many different types of urinary incontinence, and the treatment will depend on the underlying cause.

If you are experiencing urinary incontinence, it is important to see a doctor to rule out any underlying medical conditions.

पेशाब करने की प्रक्रिया वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हमारा शरीर अपशिष्ट तरल पदार्थों को बाहर निकालता है। मूत्राशय में मूत्र, जिसमें पानी, यूरिक एसिड, यूरिया और हानिकारक पदार्थ होते हैं, तब तक जमा रहता है जब तक कि वह भर न जाए। जब ऐसा होता है, तो व्यक्ति इसे अपने शरीर से बाहर निकाल देता है। 

बार-बार पेशाब आने का मतलब है सामान्य से अधिक बार पेशाब जाना। यह आग्रह अचानक आ सकता है और यहां तक ​​कि अनजाने में मूत्राशय पर नियंत्रण खोने का कारण भी बन सकता है। यह असुविधाजनक हो सकता है, जिससे आपको यह अहसास होगा कि आपका मूत्राशय बहुत भरा हुआ है।

इस स्थिति का विस्तार रूप से जानने के लिए इस लेख को पढ़ना जारी रखे। 

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बार-बार पेशाब आना क्या है?

बार-बार पेशाब आना जरूरी नहीं कि किसी चिकित्सीय समस्या का संकेत हो। कुछ वृद्ध व्यक्तियों, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए, पेशाब में वृद्धि का अनुभव होना आम है। समय के साथ उनके मूत्राशय की क्षमता कम हो जाती है। गर्भवती महिलाएं भी अधिक बार पेशाब करती हैं, खासकर गर्भावस्था के बाद के चरणों में जब बढ़ता हुआ गर्भाशय मूत्राशय पर दबाव डालता है।

इसके अलावा, यदि आप बड़ी मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, विशेष रूप से कैफीन या अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों का, तो आप स्वाभाविक रूप से अधिक बार पेशाब करेंगे।

दिन में ७ या ८ बार से भी ज्यादा यूरीन होना आम नही है।  यह आपके दैनिक जीवन के कार्यों के लिए असुविधा पैदा करता है। यह औरत और पुरुष दोनों में देखा जाता है।

बार बार पेशाब की वजह अलग अलग हो सकती है, और उपचार भी अलग अलग ही होते है। आपका चिकित्सक अक्सर बार बार पेशाब आने का कारण जो भी अंतर्निहित स्थिति हो उसका इलाज करके आपको राहत दिला सकता है।

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बार बार पेशाब आने का कारण

बार बार पेशाब आना कोई नजर अंदाज करनेवाली बात नही है। यह अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है। यह बहुत सारी रोग स्थितियों की वजह से हो सकता है। ऐसी स्थितियां निम्न सूची में दी गई है:

  1. मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) - जब मूत्र प्रणाली संक्रमित हो जाती है, तो इससे बार-बार पेशाब करने की इच्छा हो सकती है।
  2. मध्यम आयु वर्ग और वृद्ध पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट - बढ़ा हुआ प्रोस्टेट मूत्राशय पर दबाव डाल सकता है, जिससे बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता होती है।
  3. मूत्रमार्ग में सूजन और संक्रमण - मूत्र ले जाने वाली नली में सूजन या संक्रमण के कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
  4. वैजिनाइटिस - यह योनी और योनि की सूजन या स्राव है। महिला जननांग क्षेत्र में सूजन या संक्रमण से मूत्राशय में जलन हो सकती है, जिससे बार-बार पेशाब आना शुरू हो सकता है।
  5. तंत्रिका संबंधी समस्याएं - मूत्राशय को नियंत्रित करने वाली तंत्रिकाओं की समस्याएं इसके सामान्य कार्य को बाधित कर सकती हैं और बार-बार पेशाब आने का कारण बन सकती हैं।
  6. मधुमेह - बार-बार पेशाब आना प्रकार १ और प्रकार २ के मधुमेह का सामान्य लक्षण है। मधुमेह में अक्सर शरीर ग्लूकोज को तोड़ने के लिए इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है। इस स्थिति में अधिक इन्सुलिन से छुटकारा पाने के लिए शरीर ज्यादा पेशाब बनाता है। 

बार बार पेशाब होने के लक्षण

बार-बार पेशाब आने का प्राथमिक लक्षण मूत्र उत्पादन में वृद्धि के बिना अधिक बार पेशाब करने की आवश्यकता है। इस बिंदु पर, मूत्र की आवृत्ति किसी व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

अंतर्निहित कारण के आधार पर, बार-बार पेशाब आने वाले लोगों को यह अनुभव भी हो सकता है:

  1. पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद टपकना - पेशाब करने के बाद भी पेशाब में थोड़ी-थोड़ी बूंदें टपकना।
  2. पेट में दर्द - पेशाब करते समय या उसके बाद पेट के निचले हिस्से में असुविधा या दर्द महसूस होना।
  3. मूत्र असंयम - मूत्र की अनैच्छिक हानि, जो बार-बार पेशाब करने की इच्छा से उत्पन्न हो सकती है।
  4. नॉक्टुरिया - रात में पेशाब करने के लिए कई बार उठना।
  5. पेशाब करने में दर्द - पेशाब करते समय असुविधा या जलन महसूस होना।

बार बार पेशाब आने का निदान

एक डॉक्टर संभवतः किसी व्यक्ति से उनके मेडिकल इतिहास, पेशाब की आवृत्ति और अन्य लक्षणों के बारे में पूछेगा। वे बार-बार पेशाब आने का पैटर्न, उदाहरण के लिए यह कब शुरू हुआ, चीजें कैसे बदल गई हैं  के बारे में भी पूछ सकते हैं। तब वे इस प्रकार निदान करेंगे:

  1. शारीरिक परीक्षण - इसमें आपके शरीर के पेट और पीट के जगह पर हल्के स्पर्श या दबाव से चिकित्सक गुर्दे के रोगों का परीक्षण करते है। 
  2. मूत्र विश्लेषण - संक्रमण, रक्त या अन्य असामान्यताओं के लक्षण देखने के लिए आपके मूत्र के नमूने की जाँच करना।
  3. रक्त परीक्षण - गुर्दे की कार्यप्रणाली का आकलन करने और किसी भी अंतर्निहित चिकित्सीय स्थिति की पहचान करने के लिए रक्त के नमूनों की जांच करना जो बार-बार पेशाब आने का कारण हो सकती हैं।
  4. अल्ट्रासाउंड - बढ़े हुए प्रोस्टेट या मूत्र पथ की समस्याओं जैसे मुद्दों की जांच के लिए मूत्राशय और आस-पास के अंगों की छवियां बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करना।
  5. पेट और पेल्विक क्षेत्र का एक्स-रे या सीटी स्कैन - मूत्र प्रणाली में किसी भी असामान्यता या रुकावट की पहचान करने के लिए आंतरिक संरचनाओं की तस्वीरें लेना।
  6. न्यूरोलॉजिकल परीक्षण - यह निर्धारित करने के लिए तंत्रिका कार्य का आकलन करना कि क्या तंत्रिका संबंधी समस्याएं बार-बार पेशाब आने का कारण बन रही हैं।
  7. एसटीआई परीक्षण - यौन संचारित संक्रमणों की जांच जो मूत्र संबंधी लक्षणों में योगदान कर सकते हैं।

बार बार पेशाब आने का घरेलू उपचार

मूत्राशय प्रशिक्षण और व्यायाम, बार-बार पेशाब आने के उपचार के रूप में, इसके अंतर्निहित कारण के बजाय समस्या को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इन विधियों में शामिल हैं:

  1. केगेल व्यायाम - ये दैनिक व्यायाम, अक्सर गर्भावस्था के दौरान अभ्यास किए जाते हैं, श्रोणि और मूत्रमार्ग की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, मूत्राशय को सहायता प्रदान करते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, कम से कम ४-८ सप्ताह की अवधि के लिए, दिन में तीन बार १॰-२॰ दोहराव के सेट में केगेल व्यायाम करें।
  2. बायोफीडबैक थेरेपी - केगेल व्यायाम के साथ संयोजन में उपयोग की जाने वाली यह थेरेपी व्यक्तियों को उनके शरीर के कामकाज के बारे में अधिक जागरूक होने में मदद करती है। जागरूकता बढ़ने से पेल्विक मांसपेशियों पर नियंत्रण सुधारने में मदद मिल सकती है।
  3. मूत्राशय प्रशिक्षण -  इस तकनीक में मूत्राशय को लंबे समय तक मूत्र रोकने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
  4. तरल पदार्थ के सेवन की निगरानी करना - अपने तरल पदार्थ के सेवन को देखकर, व्यक्तियों को पता चल सकता है कि निश्चित समय पर अत्यधिक शराब पीना उनके बार-बार पेशाब आने का प्राथमिक कारण है।

निष्कर्ष

पेशाब करना एक आम नैसर्गिक प्रक्रिया है। लेकिन अगर आप दिन में रात में बार बार पेशाब करने जाते है तो यह किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है। चाहे कारण गंभीर हो या न हो, चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है। 

HexaHealth में स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आपको या आपके किसी अपने को इस प्रकार की कोई दिक्कत है, तो आप हमसे संपर्क कर सकते है। आपकी सहायता के लिए हम तत्पर है।

अधिक पढ़ने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर जा सकते हैं:

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अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

आम तौर पर पेशाब एक नैसर्गिक उन्मूलन प्रक्रिया है। पर अगर आप दिन में ८ बार या उससे ज्यादा और रात में २ से ३ या उससे ज्यादा यूरीन करने जाते है तो यह बार बार पेशाब आना या मूत्र संबंधी बीमारी हो सकती है।

बीमारी की स्थिति में आपको 

  1. दिन में ८ से ज्यादा बार पेशाब होता है
  2. रात में २ से ज्यादा बार पेशाब होता है

गर्भावस्था के कारण शरीर में द्रव की मात्रा बढ़ जाता है और गुर्दों की कार्यक्षमता ज्यादा हो जाती है। इसी दौरान बढ़ता हुआ गर्भाशय मूत्राशय पर दबाव डालता है, जिसकी वजह से ज्यादा महिलाओं में प्रारंभिक गर्भावस्था में बार बार पेशाब आना सामान्य है।

हा, एक व्यक्ति दिन में ७ से ८ बार पेशाब करता है, याने हर दो घंटे पेशाब करना सामान्य है। अगर हर घंटे या हर ३० मिनिट में आपको पेशाब के लिए जाना पड़ता है तो यह बीमारी का लक्षण हो सकता है।

बार बार पेशाब आना अलग अलग कारणों की वजह से हो सकता है। कुछ मुख्य कारण निम्न सूची में दिए गए है:

  1. मूत्र पथ संक्रमण 
  2. पुरुषों में पौरुष ग्रंथि में सूजन
  3. मूत्रमार्ग की सूजन और संक्रमण 
  4. मूत्राशय का कैंसर 
  5. अनियंत्रित मधुमेह

पेशाब का बार बार होने की वजह से ये लक्षण  है। अगर आपको निम्न सूची में दिए गए लक्षण महसूस हो रहे है, तो इसका मतलब आपको बार बार पेशाब की दिक्कत है :

  1. तत्काल एकदम से पेशाब आना
  2. अचानक, पेशाब करने की तीव्र आवश्यकता 
  3. मूत्राशय में असुविधा 
  4. शौचालय का उपयोग करने में देर होने से दिक्कत होना
  5. रात में बार बार पेशाब आना

हा, खान पान में बदलाव बार बार पेशाब आने का कारण हो सकता है जैसे :

  1. शराब पीना
  2. अधिक केफेनयुक्त पेय पीना
  3. अधिक मात्रा में पानी पीना

अगर आपको पेशाब में दर्द और जलन हो रही है, तो इसकी वजह निम्न बाते हो सकती है:

पुरुषों में

  1. मूत्र पथ संक्रमण
  2. मूत्र पथ के बाहर संक्रमण जैसे डायवर्टीकुलोसिस और डायवर्टीकुलिटिस 
  3. पौरुष ग्रंथि के रोग
  4. कर्क रोग

महिलाओं में

  1. मूत्राशय संक्रमण 
  2. योनि का संक्रमण
  3. मूत्र पथ के संक्रमण
  4. मूत्रमार्गशोथ 

पेशाब का बार बार आना किसी एक बीमारी का संकेत नही है। इस स्थिति का मतलब किसी वजह से या तो शरीर में ज्यादा पेशाब बन रहा है या पेशाब को रोकने में मूत्राशय असमर्थ है। कुछ बीमारियां जो ऐसे स्थिति का कारण हो सकती है, जैसे:

  1. मूत्र पथ संक्रमण 
  2. मूत्रमार्ग की सूजन, संक्रमण 
  3. मूत्राशय का कर्क रोग
  4. पौरुष ग्रंथि में सूजन
  5. अनियंत्रित मधुमेह[

सन्दर्भ

हेक्साहेल्थ पर सभी लेख सत्यापित चिकित्सकीय रूप से मान्यता प्राप्त स्रोतों द्वारा समर्थित हैं जैसे; विशेषज्ञ समीक्षित शैक्षिक शोध पत्र, अनुसंधान संस्थान और चिकित्सा पत्रिकाएँ। हमारे चिकित्सा समीक्षक सटीकता और प्रासंगिकता को प्राथमिकता देने के लिए लेखों के संदर्भों की भी जाँच करते हैं। अधिक जानकारी के लिए हमारी विस्तृत संपादकीय नीति देखें।


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Updated on : 6 November 2023

समीक्षक

Dr. Aman Priya Khanna

Dr. Aman Priya Khanna

MBBS, DNB General Surgery, Fellowship in Minimal Access Surgery, FIAGES

12 Years Experience

Dr Aman Priya Khanna is a well-known General Surgeon, Proctologist and Bariatric Surgeon currently associated with HealthFort Clinic, Health First Multispecialty Clinic in Delhi. He has 12 years of experience in General Surgery and worke...View More

लेखक

Sangeeta Sharma

Sangeeta Sharma

BSc. Biochemistry I MSc. Biochemistry (Oxford College Bangalore)

6 Years Experience

She has extensive experience in content and regulatory writing with reputed organisations like Sun Pharmaceuticals and Innodata. Skilled in SEO and passionate about creating informative and engaging medical conten...View More

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