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बहुत से लोगो के जहन में एक बड़ा आम सा सवाल होता है कि एथेरोसिलेरोसिस का हिन्दी में क्या अर्थ होता है? (atherosclerosis meaning in hindi)। एथेरोसिलेरोसिस को हिन्दी में धमनीकलाकाठिन्य के रूप मे भी जाना जाता है, वैसे यह धमनीकाठिन्य (arteriosclerosis) का एक प्रकार होता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस धमनियों को संकुचित और सख्त कर सकता है, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है और संभावित स्वास्थ्य जटिलताएं जैसे दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है। एथेरोस्क्लेरोसिस रोग , इसके लक्षण, प्रकार, कारण, निदान, रोकथाम, दवा, उपचार और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों के बारे में जानें।
| रोग का नाम | एथेरोस्क्लेरोसिस |
| लक्षण | सीने में दर्द, पसीना आना, चक्कर आना, अत्यधिक थकान, दिल की धड़कन तेज होना |
| कारण | कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह |
| निदान | एंजियोग्राफी, रक्तचाप की तुलना, रक्तचाप की तुलना, इकोकार्डियोग्राम |
| इलाज कौन करता है | कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन |
| उपचार के विकल्प | एंजियोप्लास्टी, एथेरेक्टॉमी, स्टेंट लगाना, कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्टिंग, परिधीय धमनी बाईपास |
एथेरोस्क्लेरोसिस एक बहुत ही आम स्थिति है। इस स्थिति में धमनी के अंदर की तरफ एक चिपचिपा पदार्थ बनने लगता है जिसे पट्टिका (पलाक़/ एथेरो) कहते है।
एथेरोसिलेरोसिस धीरे-धीरे पट्टिका में विकसित होता है। धमनी में निम्नलिखित पद्राथ के जमा होने से पट्टिका का निर्माण होता है:
धमनियां शरीर में रक्त वाहिकाएं होती हैं जो ऑक्सीजन युक्त रक्त को पूरे शरीर के अंगों और ऊतकों तक ले जाती हैं। जब एथेरोस्क्लेरोसिस पट्टिका बढ़ती है, धमनी के अंदर की चौड़ाई (लुमेन) संकरी हो जाती है, जिससे रक्त के प्रवाह के लिए कम जगह बचती है। इससे शरीर में महत्वपूर्ण अंगों के ऊतकों को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है।
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धमनी के अंदर पट्टिका का निर्माण होने में कई वर्ष लग जाते हैं, क्योंकि धीरे-धीरे एथेरोस्क्लेरोसिस कई निम्न चरणों से गुजरता है:
एथेरोस्क्लेरोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते है कि शरीर के कौन से हिस्से की कौन सी धमनी प्रभावित है। जिस अंग में एथेरोस्क्लेरोसिस वाली धमनी का रक्त प्रवाह हो रहा है, उस अंग पर प्रभाव पड़ेगा और लक्षण भी उसी अंग के प्रभावित होने के आयेगें।
एथेरोस्क्लेरोसिस शरीर की अधिकांश धमनियों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें हृदय, मस्तिष्क, हाथ, पैर, श्रोणि (पेल्विस) और गुर्दे की धमनियां शामिल हैं। इससे होने वाली बीमारी के अलग-अलग नाम हैं जो इस बात पर निर्भर करते हैं की कौन सी धमनियां प्रभावित होती हैं जैसे:
| रोग | प्रभावित धमनी | प्रभावित अंग |
| कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी)( coronary atherosclerosis in hindi) | दिल की धमनियों में प्लाक बिल्डअप | हृदय |
| पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) | पैरों की धमनियों में प्लाक का निर्माण आम है, परंतु हाथ और श्रोणि में भी हो सकता है | पैर, अथवा हाथ |
| कैरोटिड धमनी रोग | गर्दन की धमनियों में प्लाक बिल्डअप | मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को कम करता है |
| रीनल आर्टरी स्टेनोसिस | गुर्दे की धमनियों में प्लाक बिल्डअप | गुर्दे में कम रक्त जाना |
| मेसेंटेरिक आर्टरी इस्किमिया | आंतों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनिया | आंतों में रक्त की कमी |
एथेरोस्क्लेरोसिस अक्सर लक्षण पैदा नहीं करता है जब तक कि धमनी बहुत ज्यादा संकीर्ण या अवरुद्ध न हो। यदि धमनी 70% से अधिक अवरुद्ध है तो लक्षण दिखाई दे सकते हैं अन्यथा तो लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हे एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या है।
एथेरोस्क्लेरोसिस के लक्षण पहली बार तब प्रकट हो सकते हैं जब शारीरिक या भावनात्मक तनाव होते हैं यानि कि उस समय पर जब शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
वैसे भी, एथेरोस्क्लेरोसिस की वजह से ऑक्सीजन की सही मात्रा में रक्त आपूर्ति नहीं होती है, इसकी वजह से प्रभावित धमनी के आधार पर निम्नलिखित लक्षण होते हैं।
अगर अवरुद्ध धमनी दिल या मस्तिष्क की आपूर्ति करती है, तो दिल का दौरा या स्ट्रोक होता है। यदि पैरों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली धमनी अवरुद्ध हो जाती है, तो गैंग्रीन या ऊतक मृत्यु हो सकती है।
एथेरोस्क्लेरोसिस एक धीमी, प्रगतिशील बीमारी है जो कभी-कभी बचपन में ही शुरू हो सकती है। हालांकि, यह तेजी से बढ़ भी सकती है।
यह बहुत अच्छे से स्पष्ट नहीं है कि एथेरोस्क्लेरोसिस का मुख्य कारण क्या होता है और इसकी शुरुआत कैसे होती है? परंतु, कई वैज्ञानिकों का मानना है कि पट्टिका तब शुरू होती है जब धमनी की आंतरिक परत (जिसे एंडोथेलियम कहा जाता है) क्षतिग्रस्त हो जाती है।
सूजन के कारण धीरे-धीरे पट्टिका का निर्माण या मोटा होना धमनी की दीवारों के अंदर होता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों और हाथ-पैरों में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है।
एथेरोस्क्लेरोसिस के लिए कई जोखिम कारक हैं जो ज्यादातर महिलाओ के मुकाबले पुरुषों को कम उम्र मे अधिक प्रभावित करते हैं और एथेरोस्क्लेरोसिस होने की संभावना को बढ़ा देते हैं, क्योंकि इन की वजह से धमनी की आंतरिक परत को क्षति पहुचती है।
इन में से कुछ कारकों को जीवन शैली मे बदलाव लाकर बदला जा सकता है जिन्हे मोडीफियेबल जोखिम कारक कहते हैं, और कुछ कारको को नहीं बदला जा सकता है, उनहे नॉन-मोडीफियेबल जोखिम कारक कहा जाता है। इसी आधार पर कारकों को वर्गीकृत किया गया है:
जीवन शैली मे बदलाव लाकर काफी हद तक इन कारकों पर काबू पाकर इन्हे बदला जा सकता है, जिनमे शामिल हैं:
महाधमनी (शरीर की मुख्य धमनी जिसे ऐऑर्टा भी कहते हैं), कोरोनरी धमनियों और पैरों में धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस की प्रगति में धूम्रपान एक बड़ी भूमिका निभाता है। धूम्रपान से वसायुक्त जमाव बनने की संभावना अधिक हो जाती है, और यह पट्टिका के विकास को तेज करता है।
नॉन-मोडीफियेबल कारको को नहीं बदला जा सकता है जैसे:
वैसे तो एथेरोस्क्लेरोसिस की रोकथाम करना बहुत कठिन होता है, परंतु, जोखिम कारको को कम करके एथेरोस्क्लेरोसिस को रोक सकते हैं या उसके द्वारा पैदा होने वाली समस्याओं को कुछ हद तक टाल सकते हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकने के लिए एक व्यक्ति अपनी जीवन शैली में निम्नलिखित परिवर्तन कर सकता है:
नियमित रूप से डॉक्टर से मिले और वार्षिक जांच करवाएं और एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम कारकों को कम करके स्वस्थ जीवन जिए।
एथेरोस्क्लेरोसिस के निदान के लिए चिकित्सक सम्पूर्ण मेडिकल इतिहास लेंगे और एथेरोस्क्लेरोसिस होने के जोखिम की गड़ना करने के लिए निम्नलिखित कदम उठायेंगे:
डॉक्टर से परामर्श करने से पहले, अच्छी तरह से तैयार होना और कई महत्वपूर्ण कारकों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। मरीजों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
चिकित्सक मेडिकल इतिहास, पारिवारिक इतिहास, और जीवन शैली के बारे मे रोगी को पूछेंगे। तत्पश्चात वे एथेरोस्क्लेरोसिस का निदान करने और उपचार की योजना बनाने के लिए ऊपर बताए गए परीक्षणों का आदेश दे सकते है।
आपको डॉक्टर से कौन से सवाल पूछने चाहिए?
डॉक्टर से जीवन शैली के बदलाव के प्रभावों के बारे में, दवाई कैसे लेनी है इसके बारे में और क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए, विस्तार से पूछना चाहिए । रोगी डॉक्टर से निम्नलिखित प्रश्न पूछ सकता है:
एथेरोस्क्लेरोसिस के उपचार में निम्न में से एक या अधिक शामिल होते हैं, यह डॉक्टर निर्धारित करेंगे कि किस योजना से सबसे परिणाम मिलेंगे:
उपचार का लक्ष्य:
जीवन शैली में परिवर्तन जटिलताओं के खतरे को कम करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। जैसे कि ऊपर रोकथाम करने के टिप्स बताए गए हैं, उन्ही को दवाओ और सर्जिकल प्रक्रिया के साथ अपनाने की सलाह दि जाती है, ताकि मरीज को बेहतर परिणाम मिले। इसमे धूम्रपान से बचना, स्वस्थ आहार का सेवन, नियमित व्यायाम करना शामिल है।
साक्ष्य के अनुसार आयुर्वेदिक प्रणाली के पांच औषधीय पौधों के जलीय अंश से युक्त पॉलीहर्बल सूत्रीकरण (भुक्स) में सूजन को रोकने वाले महत्वपूर्ण गुण होते हैं जो एथेरोस्क्लेरोसिस के खिलाफ एक प्रभावी सूत्रीकरण के रूप में कार्य करता है।
ये पाँच पौधे है: कमिफोरा मुकुल, टर्मिनेलिया अर्जुन, बोसवेलिया सर्राटा रॉक्सबी, सेमेकार्पस एनाकार्डियम लिन और स्ट्रीक्नोस नक्स वोमिका लिन। इन सब को एक विशेष अनुपात में लिया जाता है, और गैस्ट्रिक जलन को कम करने के लिए तैयार उत्पाद में CaCO3 (शंख भस्म) मिलाया जाता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस मे दवाएं प्लाक बिल्डअप के जोखिम कारकों को लक्षित करते हुए एथेरोस्क्लेरोसिस की प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकती हैं और इनमे निम्नलिखित शामिल हैं जो :
विभिन्न न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं और सर्जरी उन मरीजों में इस्तेमाल की जाती है, जिनमे या तो बहुत ज्यादा गंभीर रुकावट है या जटिलताओं का बहुत खतरा है। इन एथेरोस्क्लेरोसिस के सर्जिकल उपचार विकल्पों में शामिल हैं:
उपचार का दृष्टिकोण और प्रक्रियाओं का चयन रोगी की स्वास्थ्य स्थिति और इलाज करने वाले डॉक्टर की राय पर निर्भर करता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस की जटिलता बिना किसी चेतावनी संकेत के अचानक से हो सकती है। कुछ स्थितियाँ, जैसे दिल का दौरा और स्ट्रोक, विकलांगता या मृत्यु का भी कारण बन सकती हैं।
जैसे-जैसे धमनियों में प्लाक का बढ़ना जारी रहता है, वैसे-वैसे जानलेवा जटिलताओं का खतरा भी बढ़ता जाता है। एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़ी कुछ जटिलताएँ हैं:
मस्तिष्क की स्थिति: मस्तिष्क को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में प्लाक का निर्माण स्ट्रोक का कारण बन सकता है। पट्टिका टूट सकती है या रक्त के थक्के का कारण बन सकती है जो मस्तिष्क तक जाती है, जिससे स्ट्रोक भी हो सकता है।
हृदय की समस्याएं: कोरोनरी हृदय रोग, अतालता (अनियमित दिल की धड़कन), कार्डियक अरेस्ट, दिल की विफलता या दिल का दौरा पड़ सकता है।
अंग क्षति: प्लाक बिल्डअप अंगों में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे क्रोनिक किडनी रोग जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। आंतों में रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों के सिकुड़ने (मेसेंटेरिक आर्टरी) के कारण आंतों के ऊतक मर जाते हैं या गंभीर संक्रमण हो जाता है। अंग क्षति घातक हो सकती है और मृत्यु का कारण भी बन सकती है।
अंगों के साथ समस्याएं: परिधीय धमनी रोग (पीएडी) हाथों या पैरों में लंबे समय तक खराब रक्त प्रवाह का कारण बन सकता है। संकेतों में रक्त प्रवाह की कमी के कारण घाव, संक्रमण और ऊतक की मृत्यु (गैंग्रीन) शामिल हैं।
डॉक्टर को कब देखना है?
यदि लक्षण पहले से बिगड़ जाए या नए लक्षणो का सामना करना पड़ रहा है विशेष रूप से तब जब उच्च रक्तचाप या रक्त शर्करा की समस्या है, तो रोगी को डॉक्टर से मिलना चाहिए और बिल्कुल देरी नहीं करनी चाहिए। इसके सिवा डॉक्टर बताना चाहिए अगर रोगी को उपचार योजना के किसी भी हिस्से की वजह से समस्या हो रही है।
समय पर इलाज नहीं किया तो जोखिम?
एथेरोस्क्लेरोसिस का प्रारंभिक निदान और उपचार एथेरोस्क्लेरोसिस वाले लोगों को स्वस्थ, सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकता है। यह बीमारी चिकित्सकीय आपात स्थिति पैदा कर सकती है और यहां तक कि घातक भी हो सकती है। इसीलिए जोखिमों को जानना और उन्हें कम करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ संपर्क मे रहिए और उनके दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
हृदय-स्वस्थ आहार कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके एथेरोस्क्लेरोसिस को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। निम्नलिखित आहार दिशानिर्देश सहायक हो सकते हैं:
क्या खाना चाइए
क्या नहीं खाना चाहिए
विशिष्ट आवश्यकताओं और चिकित्सा इतिहास के अनुरूप व्यक्तिगत योजना के लिए डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है।
एथेरोस्क्लेरोसिस एक गंभीर स्थिति है जो जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है। हालांकि यह एक पुरानी बीमारी है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है, इसे जीवनशैली में बदलाव, दवा और चिकित्सा प्रक्रियाओं के संयोजन के माध्यम से प्रबंधित किया जा सकता है। एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम कारकों और लक्षणों को समझना शुरुआती पहचान और प्रभावी प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि आपको अभी एथेरोस्क्लेरोसिस, कोरोनरी एथेरोस्क्लेरोसिस, या किसी अन्य संबंधित जानकारी से संबंधित कोई संदेह है, तो HexaHealth में हमारी व्यक्तिगत देखभाल टीम से बेझिझक संपर्क करें। हमें हमेशा मदद करके खुशी होती हैं! यदि आप एथेरोस्क्लेरोसिस के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट HexaHealth पर भी जा सकते हैं।
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एथेरोस्क्लेरोसिस और धमनीकाठिन्य के उपचार में निम्न में से एक या अधिक शामिल होते हैं, जैसे:
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Last Updated on: 27 May 2023

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Dr Aman Priya Khanna is a highly experienced and National Board–Certified Laparoscopic, GI, and Bariatric Surgeon with over 13 years of clinical expertise.
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B.Tech Biotechnology (Bansal Institute of Engineering and Technology, Lucknow)
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An ardent reader, graduated in B.Tech Biotechnology. She was previously associated with medical sciences secondary research and writing. With a keen interest and curiosity-driven approach, she has been able to cont...View More
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